छन्नू बाबा की कजरी
पान वाली खराशी मिठास
जो सत्रियानी का गिटार
अभिव्यक्ति के आवेग की सुरीली-बेसुरी चीख
बम्बई का ट्रैफिक
सुबह ७:३० बजे और ९:३० बजे
बनाने का सुख
छोड़ने के दुःख
चूमना किसी सोते हुए बच्चे को
और संतोष सटीक सुर का
समंदर किनारे शाम की हवा
तीन दिन की लगातार बारिश
अल-सुबह की अधूरी नींद
पूरी रात का अधूरा मंथन
बेवजह की कविता
वजह का असमंजस
हवा जैसा पिता का प्यार
फटकार जैसी माँ की फ़िक्र
जैसे राखी पर मिलना
धागे के साथ बहिन की चिट्ठी
और कटना बिजली का
उससे पढ़ने से पहले
एक गुलाब है
कांटो वाला
जो रंग बदलता हैं
धूप के साथ
बुधवार, 25 मार्च 2009
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